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in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/vb/vbsong.php on line 53 तातल सैकते Hindi Śrīla Vidyāpati Sri Shri Srila Vidyapati श्रील विद्यापति tatala saikate, bari-bindu-sama,
suta-mita-ramani-samaje
tohe visari mana, tahe samarpala,
ab majhu habo k वैष्णव आचार्यों के गीत एवं भजन | Bhajan & Aarti of Vaishnav Acharyas ISKCON songs
(1) हे भगवान, आपको पूरी तरह से भूलकर, मैंने अपना मन समाज में महिलाओं, बच्चों और दोस्तों को अर्पित कर दिया है - लेकिन यह अनुभव समुद्र तट की जलती गर्म रेत पर पानी की एक बूंद चढ़ाने जैसा ही है। मैं संभवतः इस महान दुःख से कैसे छुटकारा पा सकता हूँ?
(2) हे माधव! परिणामस्वरूप, मैं पूरी तरह से निराश हो गया हूँ। आप ब्रह्मांड के रक्षक हैं, और असहाय आत्माओं पर दयालु हैं। इसलिए मैं अपनी आशा केवल आप पर रखता हूं।
(3) अधमरी हालत में घूमते-घूमते मैंने अपना जीवन घोर अपमान में बिताया। एक तुच्छ बच्चे और एक बेकार बूढ़े आदमी के रूप में अनगिनत दिन बीते। मैं महिलाओं के साथ प्रेम साझा करने में मदहोश हो गया हूं। मुझे आपकी पूजा करने का मौका कब मिलेगा?
(4) असंख्य ब्रह्मा एक के बाद एक मर गए, जबकि आप अनादि या अंत से रहित हैं। वे सभी आपसे जन्म लेते हैं और समुद्र की लहरों की तरह फिर से आप में ही लीन हो जाते हैं।
(5) विद्यापति स्वीकार करते हैं कि अब, अपने जीवन के अंत में, उन्हें मृत्यु का भय है। हे भगवान! आपके अतिरिक्त कोई आश्रय नहीं है। आप सदैव आदि और अनादि दोनों के ईश्वर के रूप में विख्यात रहेंगे। अब भौतिक संसार से मेरी मुक्ति की जिम्मेदारी पूरी तरह से आपकी है।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥