|
| |
| |
શ્રીલ પ્રભુપાદ પ્રણતિ  |
| भाषा: हिन्दी | English | தமிழ் | ಕನ್ನಡ | മലയാളം | తెలుగు | ગુજરાતી | বাংলা | ଓଡ଼ିଆ | ਗੁਰਮੁਖੀ | |
| |
| |
નમ ૐ વિષ્ણુ-પાદાય કૃષ્ણ-પ્રેષ્ઠાય ભૂતલે।
શ્રીમતે ભક્તિવેદાન્ત-સ્વામિન્ ઇતિ નામિને॥1॥ |
| |
| |
નમસ્તે સારસ્વતે દેવે ગૌર-વાણી પ્રચારિણે।
નિર્વિશેષ-શૂન્યવાદી-પાશ્ચાત્ય-દેશ-તારિણે॥2॥ |
| |
| |
| |
| हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ |
| |
| |
|