वैष्णव भजन  »  गोविन्दमादिपुरुषं
 
 
ଶ୍ରୀ ବ୍ରହ୍ମା       
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(ଟେକ) ଗୋଵିନ୍ଦମାଦିପୁରୁଷଂ ତମହଂ ଭଜାମି॥
 
 
ଗୋଵିନ୍ଦମାଦିପୁରୁଷଂ ତମହଂ ଭଜାମି॥
 
 

ଵେଣୁଂ କ୍ଵଣନ୍ତମରଵିନ୍ଦଦଲାଯତାକ୍ଷଂ
ବର୍ହାଵତଂ ସମସିତାମ୍ବୁଦସୁନ୍ଦରାଙ୍ଗମ୍।
କନ୍ଦର୍ପକୋଟିକମନୀଯଵିଶେଷଶୋଭଂ
ଗୋଵିନ୍ଦମାଦିପୁରୁଷଂ ତମହଂ ଭଜାମି॥1॥
 
 

ଅଙ୍ଗାନି ଯସ୍ଯ ସକଲେନ୍ଦ୍ରିଯଵୃତ୍ତିମନ୍ତି
ପଶ୍ଯନ୍ତି ପାନ୍ତି କଲଯନ୍ତି ଚିରଂ ଜଗନ୍ତି।
ଆନନ୍ଦଚିନ୍ମଯସଦୁଜ୍ଜ୍ଵଲଵିଗ୍ରହସ୍ଯ
ଗୋଵିନ୍ଦମାଦିପୁରୁଷଂ ତମହଂ ଭଜାମି॥2॥
 
 

ଗୋଵିନ୍ଦମାଦିପୁରୁଷଂ ତମହଂ ଭଜାମି॥
 
 
ଗୋଵିନ୍ଦମାଦିପୁରୁଷଂ ତମହଂ ଭଜାମି॥
 
 
 
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
 
 
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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