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in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/vb/vbsong.php on line 53 नारद मुनि बाजाय विणा Hindi Srila Bhaktivinoda Thakura Shrila Bhaktivinoda Thakura 1 narada muni bajay vina radhika ramana name nama amani udita haya bhakata gita same 2 amiya dhara barise ghana sravana yugale giya bhakata jana वैष्णव आचार्यों के गीत एवं भजन | Bhajan & Aarti of Vaishnav Acharyas ISKCON songs
(1) जैसे ही महान संत नारदजी अपने वाद्य यंत्र वीणा बजाते हैं, और “राधिका-रमण” नाम का उच्चारण करते हैं, भगवान का पवित्र नाम भक्तों के कीर्तन के बीच में स्वयं ही प्रकट हो जाता है।
(2) भगवान् का पवित्र नाम, वर्षा ऋतु के बादल के समान निरन्तर अमृत रस की वर्षा करता है। जब ये भगवन्नाम, भक्तों के कानों में प्रवेश करता हैं, तो वे प्रेमपूर्ण परम आनन्द के भाव में, जी भरकर नृत्य करते हैं।
(3) पवित्र भगवन्नाम द्वारा बरसाये गए दैवी मधुर पेय को पीकर, विश्व के समस्त लोग, पूरी तरह से नशे में मस्त हो गए। उनमें से कुछ प्रेमानन्द के कारण रोने लगे, कुछ भाव में नृत्य करने लगे, और कुछ लोग, जो नृत्य नहीं कर पा रहे थे खुले आम, अपने मन में ही नृत्य करने लगे।
(4) पंचमुखी भगवान शिव, नारद मुनि का आलिंगन करते हुए, भगवान के प्रति प्रेमानन्द से भावविभोर होकर जोर से गरजे। भगवान् ब्रह्मा ने भी, जो कमल के पुष्प पर आसीन रहते हैं, प्रेमानन्द में नृत्य किया और प्रत्येक से बार-बार “हरि” बोलने के लिए विनती की।
(5) सहस्र शीश वाले अनंत भगवान ने भी परम सुख की अनुभूति सहित “हरि-हरि” बोलते हुए भगवन्नाम का गान किया। पवित्र भगवन्नाम के प्रभाव से संपूर्ण विश्व के लोग पूर्ण नशे में लीन हो गए और प्रत्येक वयक्ति ने पवित्र नाम के मधुर रस का आस्वादन किया।
(6) मैं, श्रील भक्तिविनोद ठाकुर, श्री रूप गोस्वामी के चरण कमलों में यह वरदान या आशीर्वाद माँगता हूँ, कि कृष्ण का पवित्र नाम, मेरी जिह्वा पर प्रकट होकर मेरी समस्त आकांक्षाएँ परिपूर्ण करे।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥