श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 8: शिष्यपरम्परा, माहात्म्य और उपसंहार  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  6.8.41 
एतत्संसारभीरूणां परित्राणमनुत्तमम्।
श्राव्याणां परमं श्राव्यं पवित्राणामनुत्तमम्॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
यह पुराण संसार से डरनेवालों के लिए उत्तम रक्षक, अत्यंत श्रवणयोग्य और पवित्रों में श्रेष्ठ है ॥41॥
 
This Purana is an excellent protector for those who are afraid of the world, is extremely listenable and is the best among the sacred. 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)