श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 8: शिष्यपरम्परा, माहात्म्य और उपसंहार  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.8.12 
श्रीपराशर उवाच
एतत्ते यन्मयाख्यातं पुराणं वेदसम्मतम्।
श्रुतेऽस्मिन्सर्वदोषोत्थ: पापराशि: प्रणश्यति॥ १२॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - हे ऋषिवर! मैंने वेदानुसार जो पुराण आपको सुनाया है, उसके सुनने मात्र से ही समस्त दोषों से उत्पन्न पाप नष्ट हो जाते हैं।
 
Shri Parashara said - O sage! By merely listening to the Purana which I have narrated to you as per the Vedas, all the sins caused by the defects get destroyed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)