श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 7: ब्रह्मयोगका निर्णय  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.7.25 
तदेतत्कथितं बीजमविद्याया मया तव।
क्लेशानां च क्षयकरं योगादन्यन्न विद्यते॥ २५॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार मैंने तुम्हें इस अज्ञान का बीज बताया है; इस अज्ञान से उत्पन्न क्लेशों को नष्ट करने के लिए योग के अतिरिक्त कोई दूसरा उपाय नहीं है ॥25॥
 
Thus have I revealed to you the seed of this ignorance; there is no other way than Yoga to destroy the afflictions caused by this ignorance. ॥25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)