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श्लोक 6.5.72  |
शुद्धे महाविभूत्याख्ये परे ब्रह्मणि शब्द्यते।
मैत्रेय भगवच्छब्दस्सर्वकारणकारणे॥ ७२॥ |
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| अनुवाद |
| हे मैत्रेय! सर्व कारणों से 'भागवत' शब्द भगवान् के लिए ही प्रयुक्त हुआ है ॥72॥ |
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| O Maitreya! Due to all the reasons, the word 'Bhagwat' has been used only for the Supreme Personality of Godhead. 72॥ |
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