श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 4: प्राकृत प्रलयका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.4.7 
एष नैमित्तिको नाम मैत्रेय प्रतिसञ्चर:।
निमित्तं तत्र यच्छेते ब्रह्मरूपधरो हरि:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! ब्रह्मास्वरूप भगवान हरिका का शयन करना ही इस प्रलय के होने का कारण है; इसीलिए इसे नैमित्तिक प्रलय कहते हैं॥7॥
 
O Maitreya! The sleeping of Lord Harika in the form of Brahma is the reason for this disaster to happen; That is why it is called Naimittik Pralaya. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)