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श्री विष्णु पुराण
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अंश 6: षष्ठ अंश
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अध्याय 4: प्राकृत प्रलयका वर्णन
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श्लोक 36
श्लोक
6.4.36
एकश्शुद्धोऽक्षरो नित्यस्सर्वव्यापी तथा पुमान्।
सोऽप्यंशस्सर्वभूतस्य मैत्रेय परमात्मन:॥ ३६॥
अनुवाद
इसके अतिरिक्त शुद्ध, निराकार, सनातन और सर्वव्यापी पुरुष भी परमेश्वर का ही अंश है ॥36॥
Apart from this, the pure, incorporeal, eternal and omnipresent Purusha is also a part of the Supreme God. 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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