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श्री विष्णु पुराण
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अंश 6: षष्ठ अंश
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अध्याय 4: प्राकृत प्रलयका वर्णन
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श्लोक 22
श्लोक
6.4.22
प्रशाम्यति तदा ज्योतिर्वायुर्दोधूयते महान्।
निरालोके तथा लोके वाय्ववस्थे च तेजसि॥ २२॥
अनुवाद
उस समय जब संसार का प्रकाश और तेज वायु में विलीन हो जाता है, अग्नि शान्त हो जाती है और अत्यन्त तीव्र वायु चलने लगती है ॥22॥
At that time, when the light and brightness of the world dissolves into the air, the fire becomes calm and a very strong wind starts blowing. ॥22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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