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श्री विष्णु पुराण
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अंश 6: षष्ठ अंश
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अध्याय 3: निमेषादि काल-मान तथा नैमित्तिक प्रलयका वर्णन
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श्लोक 32
श्लोक
6.3.32
केचिन्नीलोत्पलश्यामा: केचित्कुमुदसन्निभा:।
धूम्रवर्णा घना: केचित्केचित्पीता: पयोधरा:॥ ३२॥
अनुवाद
कुछ बादल नीले कमल के समान श्याम वर्ण के हैं, कुछ कुमुद-कुसुम के समान श्वेत हैं, कुछ धूम्रवर्ण के हैं और कुछ पीले रंग के हैं ॥32॥
Some of the clouds are dark like the blue lotus, some are white like the Kumud-Kusum, some are smoky and some are yellow in colour. ॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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