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श्री विष्णु पुराण
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अंश 6: षष्ठ अंश
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अध्याय 3: निमेषादि काल-मान तथा नैमित्तिक प्रलयका वर्णन
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श्लोक 20
श्लोक
6.3.20
ततस्तस्यानुभावेन तोयाहारोपबृंहिता:।
त एव रश्मयस्सप्त जायन्ते सप्त भास्करा:॥ २०॥
अनुवाद
फिर भगवान् के प्रभाव से प्रभावित होकर और जल पीने से बलवान होकर वे सात सूर्य किरणें सात सूर्य बन जाती हैं ॥20॥
Then, influenced by God's influence and strengthened by drinking water, those seven sun rays become seven suns. 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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