Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 6.2.22: क्योंकि वे सब कार्यों के लिए दूसरों पर आश्रित रहते हैं। हे ब्राह्मणों! इस प्रकार वे महान कष्ट सहकर पुण्य लोकों को प्राप्त करते हैं। 22.   |   vishnu अध्याय 6.2: श्रीव्यासजीद्वारा कलियुग, शूद्र और स्त्रियोंका महत्त्व-वर्णन   ।   vishnu अंश 6: षष्ठ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 2: श्रीव्यासजीद्वारा कलियुग, शूद्र और स्त्रियोंका महत्त्व-वर्णन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.2.22 
पारतन्त्र्यं समस्तेषु तेषां कार्येषु वै यत:।
जयन्ति ते निजाँल्लोकान्क्लेशेन महता द्विजा:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
क्योंकि वे सब कार्यों के लिए दूसरों पर आश्रित रहते हैं। हे ब्राह्मणों! इस प्रकार वे महान कष्ट सहकर पुण्य लोकों को प्राप्त करते हैं। 22.
 
Because they are dependent on others for all tasks. Oh Brahmins! In this way they attain the virtuous worlds after great suffering. 22.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)