श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 1: कलिधर्मनिरूपण  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.1.7 
आद्ये कृतयुगे सर्गो ब्रह्मणा क्रियते यथा।
क्रियते चोपसंहारस्तथान्ते च कलौ युगे॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जैसे ब्रह्माजी प्रथम सत्ययुग में जगत् की रचना करते हैं, वैसे ही वे अन्तिम कलियुग में उसका अन्त करते हैं ॥7॥
 
Just as Lord Brahma creates the world in the first Satyayuga, similarly he concludes it in the last Kaliyuga. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)