कस्य माता पिता कस्य यथा कर्मानुग: पुमान्।
इति चोदाहरिष्यन्ति श्वशुरानुगता नरा:॥ ५६॥
अनुवाद
लोग अपने-अपने ससुर के पीछे-पीछे चलेंगे और कहेंगे, ‘कौन किसका पिता है और कौन किसकी माता है; सब मनुष्य अपने-अपने कर्मानुसार जन्मते और मरते रहते हैं।’॥ 56॥
People will follow their father-in-law and say, 'Who is whose father and who is whose mother; all men keep taking birth and dying according to their karma.'॥ 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥