श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 1: कलिधर्मनिरूपण  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  6.1.5 
कृतं त्रेता द्वापरं च कलिश्चेति चतुर्युगम्।
दिव्यैर्वर्षसहस्रैस्तु तद‍‍्द्वादशभिरुच्यते॥ ५॥
 
 
अनुवाद
चार युग हैं - सत्ययुग, त्रेता, द्वापर और कलि - इनका सम्मिलित काल बारह हजार दिव्य वर्ष कहा गया है ॥5॥
 
There are four yugas - Satyayuga, Treta, Dwapara and Kali - the combined period of these is said to be twelve thousand divine years. ॥5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)