यदा यदा न यज्ञानामीश्वर: पुरुषोत्तम:।
इज्यते पुरुषैर्यज्ञैस्तदा ज्ञेयं कलेर्बलम्॥ ४८॥
अनुवाद
जब-जब यज्ञों के अधिष्ठाता भगवान पुरुषोत्तम की लोग यज्ञों द्वारा पूजा नहीं करते, तब-तब कालिका प्रभाव ही समझना चाहिए ॥48॥
Whenever the people of Lord Purushottam, the presiding deity of yagyas, do not worship through yagyas, then only Kalika effect should be understood. 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥