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श्री विष्णु पुराण
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अंश 6: षष्ठ अंश
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अध्याय 1: कलिधर्मनिरूपण
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श्लोक 40
श्लोक
6.1.40
अशास्त्रविहितं घोरं तप्यमानेषु वै तप:।
नरेषु नृपदोषेण बाल्ये मृत्युर्भविष्यति॥ ४०॥
अनुवाद
शास्त्रविरुद्ध घोर तप करनेवाले लोगों के कारण और राजा के दोष के कारण प्रजा बाल्यकाल में ही मरने लगेगी ॥40॥
Due to people performing severe penance against the scriptures and due to the fault of the king, the subjects will start dying in childhood. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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