श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 9: प्रलम्ब-वध  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.9.24 
स्मराशेषजगद‍्बीजकारणं कारणाग्रजम्।
आत्मानमेकं तद्वच्च जगत्येकार्णवे च यत्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
अपने उस स्वरूप का स्मरण करो जो सम्पूर्ण जगत् का कारण है, कारण से भी पूर्व है तथा जो प्रलयकाल में भी विद्यमान रहेगा ॥24॥
 
Remember that form of yours which is the cause of the whole universe and also precedes the cause and which will remain even at the time of dissolution. ॥24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)