श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 8: धेनुकासुर-वध  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.8.6 
श्रीपराशर उवाच
इति गोपकुमाराणां श्रुत्वा संकर्षणो वच:।
एतत्कर्त्तव्यमित्युक्त्वा पातयामास तानि वै।
कृष्णश्च पातयामास भुवि तानि फलानि वै॥ ६॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर जी बोले - गोपकुमारों के ये वचन सुनकर बलराम जी ने 'ऐसा ही करना चाहिए' कहकर फल गिरा दिए और बाद में कृष्णचन्द्र ने भी कुछ फल पृथ्वी पर गिरा दिए।
 
Shri Parashar Ji said - On hearing these words of the Gopakumaras, Balarama Ji dropped the fruits saying 'This is what should be done' and later Krishnachandra also dropped some fruits on the earth.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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