श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 7: कालिय-दमन  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  5.7.72 
सृज्यते भवता सर्वं तथा संह्रियते जगत्।
जातिरूपस्वभावाश्च सृज्यन्ते सृजता त्वया॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
आप ही इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की रचना और संहार करने वाले हैं। जगत् की रचना करने के साथ-साथ आप ही इसकी जाति, रूप और प्रकृति की भी रचना करते हैं ॥ 72॥
 
You are the one who creates and destroys this entire universe. Along with creating the world, you are the one who also creates its species, form and nature. ॥ 72॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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