| श्री विष्णु पुराण » अंश 5: पंचम अंश » अध्याय 7: कालिय-दमन » श्लोक 63 |
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| | | | श्लोक 5.7.63  | यस्माद्ब्रह्मा च रुद्रश्च चन्द्रेन्द्रमरुदश्विन:।
वसवश्च सहादित्यैस्तस्य स्तोष्यामि किन्न्वहम्॥ ६३॥ | | | | | | अनुवाद | | जिनसे ब्रह्मा, रुद्र, चन्द्रमा, इन्द्र, मरुद्गण, अश्विनकुमार, वसुगण और आदित्य आदि सभी उत्पन्न हुए हैं, मैं आपकी स्तुति किस प्रकार करूँ?॥ 63॥ | | | | How can I praise you, from whom Brahma, Rudra, Chandra, Indra, Marudgan, Ashvinkumar, Vasusgan and Aditya etc. have all been born?॥ 63॥ | | ✨ ai-generated | | |
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