| श्री विष्णु पुराण » अंश 5: पंचम अंश » अध्याय 7: कालिय-दमन » श्लोक 52 |
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| | | | श्लोक 5.7.52  | न यस्य जन्मने धाता यस्य चान्ताय नान्तक:।
स्थितिकर्त्ता न चान्योऽस्ति यस्य तस्मै नमस्सदा॥ ५२॥ | | | | | | अनुवाद | | जिनके जन्म के समय कोई रचयिता नहीं होता, अंत समय में कोई काल नहीं होता तथा जिनका पालन करने वाला कोई दूसरा नहीं होता, उनको मैं सदैव नमस्कार करता हूँ ॥ 52॥ | | | | I always salute those who have no creator at the time of their birth and no time at the end and who have no one else to sustain them. ॥ 52॥ | | ✨ ai-generated | | |
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