श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 7: कालिय-दमन  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  5.7.42 
दर्शितो मानुषो भावो दर्शितं बालचापलम्।
तदयं दम्यतां कृष्ण दुष्टात्मा दशनायुध:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
हे कृष्ण! आपने यह मानव स्वभाव और बालसुलभ नटखटपन पहले ही बहुत दिखा दिया है, अब कृपया इस दुष्टात्मा का शीघ्र दमन करें, जिसका हथियार उसके दांत हैं।
 
O Krishna! You have already displayed this human nature and childish naughtiness enough, now please quickly suppress this evil soul whose weapon is his teeth.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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