श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 7: कालिय-दमन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  5.7.27 
दिवस: को विना सूर्यं विना चन्द्रेण का निशा।
विना वृषेण का गावो विना कृष्णेन को व्रज:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
सूर्य के बिना दिन कैसा? चन्द्रमा के बिना रात्रि कैसी? बैलों के बिना गायें कैसी? इसी प्रकार कृष्ण के बिना व्रज का क्या उपयोग?॥27॥
 
What is the day without the Sun? What is the night without the Moon? What are cows without bulls? Similarly, what is the use of Vraja without Krishna?॥ 27॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd