श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 7: कालिय-दमन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.7.24 
नन्दगोपोऽपि निश्चेष्टो न्यस्य पुत्रमुखे दृशम्।
यशोदा च महाभागा बभूव मुनिसत्तम॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे मुनिसतम! महाभागा यशोदा और नन्दगोप भी अपने पुत्र का मुख देखकर अचेत हो गए॥24॥
 
Hey Munisatam! Mahabhaga Yashoda and Nandagop also became unconscious after gazing at their son's face. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)