कालो भवाय भूतानामभवाय च पाण्डव।
कालमूलमिदं ज्ञात्वा भव स्थैर्यपरोऽर्जुन॥ ५५॥
अनुवाद
हे पाण्डवों! जीवों की गति और अवनति का कारण काल ही है, अतः हे अर्जुन! इन जय-पराजय को काल के अधीन समझकर स्थिर रहो ॥55॥
Hey Pandavas! Time is the reason for the progress and decline of living beings, hence O Arjun! Consider these victories and defeats as dependent on time and maintain stability. 55॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥