श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 37: ऋषियोंका शाप, यदुवंशविनाश तथा भगवान् का स्वधाम सिधारना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.37.26 
जरासन्धादयो येऽन्ये निहता भारहेतव:।
क्षितेस्तेभ्य: कुमारोऽपि यदूनां नापचीयते॥ २६॥
 
 
अनुवाद
ये यदुकुमार भी जरासन्ध आदि उन राजाओं से कम नहीं हैं जो पृथ्वी के भार थे और मारे गए॥26॥
 
These Yadukumars are also no less than the other kings like Jarasandha who were the burden of the earth and were killed. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)