vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 36: द्विविद-वध
»
श्लोक 17
श्लोक
5.36.17
चिक्षेप स च तां क्षिप्तां मुसलेन सहस्रधा।
बिभेद यादवश्रेष्ठस्सा पपात महीतले॥ १७॥
अनुवाद
और उसने उसे बलराम पर फेंका, किन्तु वीर यदुवीर बलभद्र ने मूसल से उसे हजारों टुकड़ों में तोड़ दिया; जिससे वह पृथ्वी पर गिर पड़ा।
And she hurled it at Balram, but the brave Yadu hero Balbhadra broke it into thousands of pieces with a pestle; because of which it fell on the earth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×