श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 35: साम्बका विवाह  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.35.20 
मत्त: कोपेन चाघूर्णंस्ततोऽधिक्षेपजन्मना।
उत्थाय पार्ष्ण्या वसुधां जघान स हलायुध:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, अपने तिरस्कार से उत्पन्न क्रोध से मतवाले हलायुध श्री बलरामजी ने उसे घूरते हुए पृथ्वी पर लात मारी ॥20॥
 
Thereafter, Halayudha Shri Balaramji, intoxicated with the anger arising from his contempt, kicked the earth while staring at him. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)