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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 35: साम्बका विवाह
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श्लोक 13
श्लोक
5.35.13
भो भो किमेतद्भवता बलभद्रेरितं वच:।
आज्ञां कुरुकुलोत्थानां यादव: क: प्रदास्यति॥ १३॥
अनुवाद
"हे बलभद्र! आप क्या कह रहे हैं? वह यदुवंशी कौन है जो कुरु कुल में उत्पन्न योद्धा को सेनापति बनाएगा?"
"O Balabhadra! What are you saying? Who is the Yaduvanshi who would command a warrior born in the Kuru clan?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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