श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 33: श्रीकृष्ण और बाणासुरका युद्ध  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  5.33.46 
श्रीभगवानुवाच
युष्मद्दत्तवरो वाणो जीवतामेष शङ्कर।
त्वद्वाक्यगौरवादेतन्मया चक्रं निवर्तितम्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
श्री भगवान बोले - हे शंकर! यदि आपने आशीर्वाद दिया है तो बाणासुर जीवित रहना चाहिए। आपके वचन का पालन करने के लिए मैं इस चक्र को रोक रहा हूँ। 46.
 
Sri Bhagavan said - O Shankar! If you have blessed him then Banasura should remain alive. To keep your word, I am stopping this Chakra. 46.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)