श्रीशंकर उवाच
कृष्ण कृष्ण जगन्नाथ जाने त्वां पुरुषोत्तमम्।
परेशं परमात्मानमनादिनिधनं हरिम्॥ ४१॥
अनुवाद
भगवान शंकर बोले, "हे कृष्ण! हे कृष्ण!! हे जगन्नाथ!! मैं जानता हूँ कि आप आदि-अन्त से रहित पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान, परमात्मा और श्री हरि हैं।" ॥ 41॥
Lord Shankar said, "O Krishna! O Krishna!! O Jagannath!! I know that you are the Supreme Personality of Godhead, the Supreme Soul and Shri Hari without beginning or end." ॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥