vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 33: श्रीकृष्ण और बाणासुरका युद्ध
»
श्लोक 37
श्लोक
5.33.37
तामग्रतो हरिर्दृष्ट्वा मीलिताक्षस्सुदर्शनम्।
मुमोच बाणमुद्दिश्यच्छेत्तुं बाहुवनं रिपो:॥ ३७॥
अनुवाद
उसे देखते ही भगवान ने अपनी आंखें बंद कर लीं और बाणासुर पर निशाना साधकर अपना सुदर्शन चक्र चलाया, जिससे उस शत्रु की भुजाएं कट गईं।
On seeing him, the Lord closed his eyes and aimed at Banasura and released his Sudarshan Chakra to cut off the arms of that enemy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×