श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 33: श्रीकृष्ण और बाणासुरका युद्ध  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.33.24 
जृम्भकास्त्रेण गोविन्दो जृम्भयामास शंकरम्।
तत: प्रणेशुर्दैतेया: प्रमथाश्च समन्तत:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
श्रीगोविन्द ने जृम्भकास्त्र छोड़ा, जिससे महादेव सोये हुए से जंभाई लेने लगे; उन्हें ऐसी अवस्था में देखकर दैत्य और प्रमथगण सब ओर भागने लगे॥ 24॥
 
Sri Govind released the Jrimbhakaastra due to which Mahadeva started yawning as if he was asleep; seeing him in such a state the demons and the Pramathganas started running in all directions.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)