श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 32: उषा-चरित्र  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.32.9 
श्रीमैत्रेय उवाच
कथं युद्धमभूद‍्ब्रह्मन्नुषार्थे हरकृष्णयो:।
कथं क्षयं च बाणस्य बाहूनां कृतवान्हरि:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
श्री मैत्रेयजी बोले - हे ब्राह्मण! श्री महादेव और कृष्ण ने उषा के लिए युद्ध क्यों किया और श्री हरि ने बाणासुर की भुजाएँ क्यों काट दीं?
 
Shri Maitreyaji said – O Brahmin! Why did Shri Mahadev and Krishna fight for Usha and why did Shri Hari cut off the arms of Banasur? 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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