| श्री विष्णु पुराण » अंश 5: पंचम अंश » अध्याय 32: उषा-चरित्र » श्लोक 4 |
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| | | | श्लोक 5.32.4  | वृकाद्याश्च सुता माद्रॺां गात्रवत्प्रमुखान्सुतान्।
अवाप लक्ष्मणा पुत्रान्कालिन्द्याश्च श्रुतादय:॥ ४॥ | | | | | | अनुवाद | | माद्री से वृक आदि पुत्र, लक्ष्मणा से गात्रवाण आदि पुत्र और कालिन्दी से श्रुत आदि पुत्र उत्पन्न हुए ॥4॥ | | | | Sons like Vrik etc. were born from Madri, Gatravan etc. from Lakshmana and Shrut etc. from Kalindi. 4॥ | | ✨ ai-generated | | |
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