| श्री विष्णु पुराण » अंश 5: पंचम अंश » अध्याय 32: उषा-चरित्र » श्लोक 26 |
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| | | | श्लोक 5.32.26  | सोऽयं सोऽयमितीत्युक्ते तया सा योगगामिनी।
चित्रलेखाब्रवीदेनामुषां बाणसुतां तदा॥ २६॥ | | | | | | अनुवाद | | [उसने कहा,] ‘यह वही है, यह वही है।’ उसके ऐसा कहने पर योगिनी चित्रलेखा ने बाणासुर की पुत्री से कहा -॥26॥ | | | | [She said,] 'This is he, this is he.' Upon her saying this, the Yogini Chitralekha said to Banasura's daughter -॥ 26॥ | | ✨ ai-generated | | |
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