श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 32: उषा-चरित्र  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  5.32.22 
श्रीपराशर उवाच
तत: पटे सुरान्दैत्यान्गन्धर्वांश्च प्रधानत:।
मनुष्यांश्च विलिख्यास्यै चित्रलेखा व्यदर्शयत्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशरजी ने कहा - तत्पश्चात [सात-आठ दिन बाद लौटकर] मुख्य-मुख्य देवताओं, दैत्यों, गन्धर्वों और मनुष्यों के चित्र चित्रपट पर लिखकर उषा को दिखाओ॥22॥
 
Shri Parasharji said - After that [after returning after seven-eight days] write the pictures of the main gods, demons, Gandharvas and humans on the drawing board and show them to Usha. 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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