| श्री विष्णु पुराण » अंश 5: पंचम अंश » अध्याय 32: उषा-चरित्र » श्लोक 2 |
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| | | | श्लोक 5.32.2  | दीप्तिमत्ताम्रपक्षाद्या रोहिण्यां तनया हरे:।
बभूवुर्जाम्बवत्यां च साम्बाद्या बलशालिन:॥ २॥ | | | | | | अनुवाद | | श्रीहरि रोहिणी के गर्भ से दीप्तिमान और ताम्रपक्ष आदि पुत्र उत्पन्न हुए और जाम्बवती से साम्ब आदि पराक्रमी पुत्र उत्पन्न हुए ॥2॥ | | | | From the womb of Shri Hari Rohini, sons were born, namely, Diptiman and Tamrapaksha etc. and from Jambavati, powerful sons like Samb etc. were born. 2॥ | | ✨ ai-generated | | |
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