श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 32: उषा-चरित्र  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  5.32.17 
बाणस्य मन्त्री कुम्भाण्डश्चित्रलेखा च तत्सुता।
तस्या: सख्यभवत्सा च प्राह कोऽयं त्वयोच्यते॥ १७॥
 
 
अनुवाद
बाणासुर का मंत्री कुम्भण्ड था; उसकी चित्रलेखा नाम की एक कन्या थी, जो उषा की सखी थी। [उषा का प्रलाप सुनकर] उसने पूछा, "तुम किसके विषय में यह कह रही हो?"॥17॥
 
Banasura's minister was Kumbhanda; he had a daughter named Chitralekha, who was Usha's friend. [On hearing Usha's ravings] she asked, "About whom are you talking about this?"॥17॥
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