पार्वत्युवाच
वैशाखशुक्लद्वादश्यां स्वप्ने योऽभिभवं तव।
करिष्यति स ते भर्ता राजपुत्रि भविष्यति॥ १४॥
अनुवाद
पार्वतीजी बोलीं - हे राजपुत्री! वैशाख शुक्ल द्वादशी की रात्रि में जो पुरुष स्वप्न में तुम्हारे साथ समागम करेगा, वही तुम्हारा पति होगा॥14॥
Parvatiji said – O royal daughter! The man who has sexual intercourse with you in the dream on the night of Vaishakh Shukla Dwadashi will be your husband. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥