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श्लोक 5.32.1  |
श्रीपराशर उवाच
प्रद्युम्नाद्या हरे: पुत्रा रुक्मिण्यां कथितास्तव।
भानुभौमेरिकाद्यांश्च सत्यभामा व्यजायत॥ १॥ |
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| अनुवाद |
| श्री पराशर बोले - रुक्मिणी के गर्भ से उत्पन्न प्रद्युम्न आदि भगवान के पुत्रों का वर्णन हम पहले ही कर चुके हैं। सत्यभामा ने भानु और भौमेरिक आदि को जन्म दिया॥1॥ |
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| Sri Parashara said - We have already described the sons of the Lord born from Rukmini's womb like Pradyumna etc. Satyabhama gave birth to Bhanu and Bhoumerik etc.॥ 1॥ |
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