श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 31: भगवान् का द्वारकापुरीमें लौटना और सोलह हजार एक सौ कन्याओंसे विवाह करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.31.9 
श्रीपराशर उवाच
तथेत्युक्त्वा च देवेन्द्रमाजगाम भुवं हरि:।
प्रसक्तै: सिद्धगन्धर्वै: स्तूयमान: सुरर्षिभि:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशरजी बोले - तत्पश्चात श्री हरि देवराज 'जैसी आपकी इच्छा ठीक है' कहकर सिद्धों, गन्धर्वों और देवर्षियों द्वारा स्तुति पाकर पृथ्वी पर चले गए॥9॥
 
Shri Parasharji said - After that, Shri Hari Devraj said, 'It is right as per your wish' and got praised by the Siddhas, Gandharvas and Devarshis and went to the earth. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)