श्रीपराशर उवाच
तत: कृष्णस्य पत्नी च शक्रपत्न्या सहादितिम्।
सत्यभामा प्रणम्याह प्रसीदेति पुन: पुन:॥ २६॥
अनुवाद
श्री पराशरजी बोले - तत्पश्चात शक्र की पत्नी शचीका सहित कृष्णप्रिया सत्यभामा ने अदिति को बार-बार प्रणाम करके कहा - "माता! आप प्रसन्न हों ॥26॥
Shri Parasharji said - After that, Krishnapriya Satyabhama along with Shakra's wife Shachika bowed to Aditi again and again and said - "Mother! May you be happy. 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥