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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 29: नरकासुरका वध
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श्लोक 3
श्लोक
5.29.3
त्वया नाथेन देवानां मनुष्यत्वेऽपि तिष्ठता।
प्रशमं सर्वदु:खानि नीतानि मधुसूदन॥ ३॥
अनुवाद
वे बोले: हे मधुसूदन! इस समय मनुष्य रूप में होने पर भी हे देवों के स्वामी, आपने हमारे सब दुःख दूर कर दिए हैं॥3॥
[They said:] 'O Madhusudan! Even though you are in human form at this time, you, the Lord of all gods, have relieved us of all our sorrows.॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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