बलदेवजी ने ही उसे जीता और वे जोर से चिल्लाकर बोले, ‘मैं जीत गया।’ इस पर रुक्मी भी चिल्लाया - ‘बलराम! झूठ बोलने से कोई लाभ नहीं है, यह फेरा भी मैं जीत गया हूँ।॥ 19॥
It was Baldev who won it and he shouted loudly, 'I won.' Rukmi also shouted at this - 'Balram! There is no benefit in telling a lie, I have won this round as well.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥