Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 5.26.7-8: तब श्री पौण्ड्रक, दन्तवक्त्र, विदूरथ, शिशुपाल, जरासंध और शाल्व आदि राजाओं ने क्रोधित होकर श्री हरि को मारने का महान प्रयत्न किया, किन्तु बलराम आदि यदुश्रेष्ठों का सामना करके वे सब-के-सब परास्त हो गए॥7-8॥   |   vishnu अध्याय 5.26: रुक्मिणी-हरण   ।   vishnu अंश 5: पंचम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 26: रुक्मिणी-हरण  »  श्लोक 7-8
 
 
श्लोक  5.26.7-8 
ततश्च पौण्ड्रकश्श्रीमान्दन्तवक्त्रो विदूरथ:।
शिशुपालजरासन्धशाल्वाद्याश्च महीभृत:॥ ७॥
कुपितास्ते हरिं हन्तुं चक्रुरुद्योगमुत्तमम्।
निर्जिताश्च समागम्य रामाद्यैर्यदुपुङ्गवै:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तब श्री पौण्ड्रक, दन्तवक्त्र, विदूरथ, शिशुपाल, जरासंध और शाल्व आदि राजाओं ने क्रोधित होकर श्री हरि को मारने का महान प्रयत्न किया, किन्तु बलराम आदि यदुश्रेष्ठों का सामना करके वे सब-के-सब परास्त हो गए॥7-8॥
 
Then the kings like Shri Paundraka, Dantavaktra, Viduratha, Shishupal, Jarasandha and Shalva etc. got angry and made a great effort to kill Shri Hari, but they all were defeated after encountering the best of Yadus like Balram etc. 7-8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)