श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 25: बलभद्रजीका व्रज-विहार तथा यमुनाकर्षण  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.25.9 
तस्य वाचं नदी सा तु मत्तोक्तामवमत्य वै।
नाजगाम तत: क्रुद्धो हलं जग्राह लाङ्गली॥ ९॥
 
 
अनुवाद
यमुना ने उसकी बातों को पागल का प्रलाप समझकर उसकी ओर ध्यान न दिया और वहाँ नहीं आई। इस पर हलधर क्रोधित हो उठा और उसने अपना हल उठा लिया॥9॥
 
Considering his words to be the ravings of a madman, Yamuna paid no attention to him and did not come there. At this Haldhar became angry and picked up his plough.॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)